मप्र में बढ़ी भाजपा हाईकमान की सक्रियता, सहस्रबुद्धे ने जाने मैदानी हाल


विधानसभा चुनाव की तैयारी में भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेताओं का दखल प्रदेश में बढ़ता जा रहा है। पहले राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल आए तो उन्होंने हाईकमान की मंशा से कार्यकर्ताओं को अवगत कराया। अब प्रदेश प्रभारी डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे आए तो उन्होंने पार्टी के जिलाध्यक्ष और जिला प्रभारियों के साथ वन-टू-वन बातचीत कर मैदानी हकीकत का हाल जाना। रामलाल भोपाल-होशंगाबाद के कार्यकर्ताओं की बैठक लेने के बाद अब बुंदेलखंड में सागर संभाग के कार्यकर्ताओं की बैठक ले रहे हैं। वहीं डॉ. सहस्त्रबुद्धे ने भोपाल-नर्मदापुरम् संभाग के जिलों में संगठन की स्थिति, नेताओं के बीच खींचतान, विधायक की लोकप्रियता, प्रशासनिक हालात से लेकर कार्यकर्ताओं के मनोबल तक के बारे में विस्तार से जानकारी ली। भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में साढ़े छह घंटे चली बैठक में सहस्त्रबुद्धे के सामने कई जिलों के मतभेद की शिकायतें आईं तो कई जिलों के लचर संगठन का पता चला। भोपाल और सीहोर दो जिलों में तो अब तक कार्यकारिणी का ही गठन नहीं हो पाया है। इस बैठक में प्रदेश संगठन का कोई भी नेता शामिल नहीं था। अमित शाह करेंगे संभाग का दौरा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह सहित बाकी राष्ट्रीय नेताओं के प्रदेश में दौरे लगातार बढ़ते जा रहे हैं। शाह ने स्पष्ट कर दिया है कि यहां चुनाव संगठन लड़ेगा। इसी हिसाब से राष्ट्रीय नेता अपनी जमावट कर रहे हैं। कर्नाटक चुनाव के बीच शाह भोपाल आए और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। फिर जून में जबलपुर आए और प्रदेश के नेताओं के साथ बैठक की। अब वे संभाग के दौरे करेंगे। इससे पहले भी राष्ट्रीय महासचिव अनिल जैन, सह संगठन महामंत्री सौदान सिंह भोपाल आकर फीडबैक लेकर जा चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी राजगढ़ और इंदौर दौरा इसी कड़ी से जुड़ा है। रामलाल ने ली विधायक, सांसद और कार्यकर्ताओं की बैठक राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल ने दमोह में बुंदेलखंड के सारे विधायक-सांसद और प्रमुख कार्यकर्ताओं की बैठक ली। इस बैठक में उन्होंने हाईकमान का संदेश नीचे तक के कार्यकर्ताओं को दिया। इसमें बूथ से लेकर टिकट वितरण और कार्यकर्ताओं को तवज्जो देने का मुद्दा शामिल है। भोपाल-सीहोर में कार्यकारिणी नहीं बनी डॉ. सहस्त्रबुद्धे की वन-टू-वन बैठक में सामने आया कि भोपाल और सीहोर जिले के अध्यक्ष अब तक अपनी टीम का गठन नहीं कर पाए हैं। इसके कारण बूथ कमेटी से लेकर कई तरह की चुनावी तैयारी प्रभावित हो रही है। उन्होंने जिलाध्यक्ष और जिला प्रभारियों से हर जिले का फीडबैक भी लिया। बैतूल में दो गुटों में बंटी पार्टी बैतूल में भाजपा के जिलाध्यक्ष जितेंद्र कपूर और विधायक हेमंत खंडेलवाल के बीच चल रहे मतभेद भी खुलकर सामने आ गए हैं। बताया गया कि जिलाध्यक्ष के साथ में राजीव खंडेलवाल, राजा ठाकुर और मप्र रोजगार बोर्ड के अध्यक्ष हेमंत देशमुख हैं। आए दिन दोनों गुटों की लड़ाई सार्वजनिक हो जाती है। कुछ दिन पहले पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह बैतूल पहुंचे तो जिलाध्यक्ष कपूर उनके साथ हेमंत खंडेलवाल के घर नहीं गए। इसके बाद देशमुख ने रोजगार मेला लगाया तो विधायक शामिल नहीं हुए। बैठक में खुलासा हुआ कि बैतूल के राजा ठाकुर काफी प्रभावशाली व्यक्ति हैं, जिनके प्रभाव से पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान के कार्यकाल में कपूर को जिलाध्यक्ष बनाया गया था, तबसे ही ये अदावत चली आ रही है।

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2018-07-05Total Comments :

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