नक्सल प्रभावित व मुक्त जिलों को लेकर बुधवार को सदन में तीखी बहस हुई।


नक्सल प्रभावित व मुक्त जिलों को लेकर बुधवार को सदन में तीखी बहस हुई। गृह मंत्री रामसेवक पैकरा ने कहा कि नए जिले बनाए गए हैं, इसी वजह से प्रभावित जिलों की संख्या अकि दिख रही है। इस पर देवती कर्मा ने कहा कि क्या नक्सलियों को जेब में भरकर रखी है सरकार, जब चाहे तब निकाले और जब चाहे अंदर डाल दे। नक्सलवाद का यह मामला झीरम घाटी में नक्सलियों के हाथों मारे गए पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेन्द्र कर्मा की पत्नी देवती कर्मा ने उठाया। प्रश्नकाल में उन्होंने राज्य के नक्सल प्रभावित जिलों व मुक्त जिलों को लेकर गृहमंत्री से सवाल किया। पैकरा ने बताया कि राज्य के 14 जिले नक्सल प्रभावित हैं, तीन जिलों को नक्सल मुक्त घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि कबीरधाम और बलरामपुर में नक्सली गतिविधि दिखने के कारण फिर से सूची में शामिल कर दिया गया है। देवती कर्मा ने पूछा कि बाकी जिले कब मुक्त होंगे। इस पर मंत्री ने कहा कि लगातार दबावपूर्ण कार्रवाई कर रहे हैं। भूपेश बघेल ने भी कहा कि बस्तर नक्सल प्रभावित है ही, सरकार कहती है कि सरगुजा नक्सल मुक्त हो गया, लेकिन बलरामपुर में फिर से नक्सली आ गए हैं। अब मुख्यमंत्री का गृह जिला कबीरधाम भी नक्सल प्रभावित जिले में आ गया, क्या वजह है? इस पर पैकरा ने कहा कि नक्सलियों के पैर उखड़ रहे हैं। कबीरधाम में कुछ इलाकों में सक्रियता बढ़ी है, जिसे हम कम करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार में बस्तर एक जिला था आज बस्तर और सरगुजा में कई जिले बन गए हैं। पैकरा ने कहा नक्सली लगातार दबाव में हैं। मोहन मरकाम ने कहा कि यह सरकार की कैसी नीति है, अब बालोद, धमतरी और महासमुंद जैसे मैदानी इलाके भी नक्सल प्रभावित हो गए हैं।

Back to previous page

Source 2018-07-14Total Comments :

Similar Post You May Like